पच्चीस रुपये की अगरबत्ती और सपनों की उड़ान

नडियाद की एक तंग गली में, सूरज की पहली किरण के साथ ही रमेश की चिंताएँ भी जाग जाती थीं। एक छोटी सी किराने की दुकान, उस पर बढ़ता कर्ज़ और दो ब...